चंद महीने ही गुज़रे हैं हो गए सब बेहाल जाने कैसा गुजरेगा अब ये पूरा साल! चंद महीने ही गुज़रे हैं हो गए सब बेहाल जाने कैसा गुजरेगा अब ये पूरा साल!
चाहे आंधी हो या तुफान! हमारा रुख नही बदलेगा!! चाहे आंधी हो या तुफान! हमारा रुख नही बदलेगा!!
राह में आने वाली हर उलझन को, ये उड़ा ले जा रहा है राह में आने वाली हर उलझन को, ये उड़ा ले जा रहा है
आंधी आये या तूफ़ान आये न हटूं मैं रास्तों से आंधी आये या तूफ़ान आये न हटूं मैं रास्तों से
हर मुश्किल, आंधी, तूफानों में अपने आंचल में छुुुपाती। हर मुश्किल, आंधी, तूफानों में अपने आंचल में छुुुपाती।
अरमानों की सुन्दर रंगोली पर, एक दीप ज्ञान का रखना है। अरमानों की सुन्दर रंगोली पर, एक दीप ज्ञान का रखना है।